
दीपावली केवल रोशनी और उत्सव का पर्व नहीं है, बल्कि यह भगवती महालक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे पवित्र और सिद्ध समय भी माना जाता है। इस महापर्व पर भक्तजन, साधक और श्रद्धालु अनेक प्रकार के जतन, पूजन और साधनाएँ करते हैं।
माँ लक्ष्मी का स्वरूप ऐसा है जिसकी कामना हर व्यक्ति करता है — चाहे वह आस्तिक हो या नास्तिक, किसी भी पंथ या संप्रदाय से जुड़ा हो। धन, समृद्धि, सुख और शांति की इच्छा हर मनुष्य के हृदय में होती है, और इन सभी का मूल स्रोत माँ महालक्ष्मी हैं।
यदि आप चाहते हैं कि पूरे वर्ष आपके घर में धन-धान्य की वृद्धि हो, समस्याओं का प्रवेश न हो और परिवार पर माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहे, तो दीपावली की रात किया जाने वाला यह विशेष प्रयोग आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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दीपावली की रात का यह एक दिन का प्रयोग क्यों है विशेष?
इस प्रयोग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि
👉 इसे केवल एक ही दिन करना होता है
👉 लंबे समय तक साधना या जप की आवश्यकता नहीं
👉 एक रात का किया गया यह प्रयोग पूरे वर्ष फल देता है
मान्यता है कि दीपावली की अमावस्या की रात भगवती महालक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं। यदि उस समय सच्चे भाव से की गई प्रार्थना और दीपक की ज्योति से उन्हें आमंत्रित किया जाए, तो माँ उस घर में स्थायी वास करती हैं।
इस प्रयोग को करने का सही समय
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दीपावली की रात
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दैनिक महालक्ष्मी पूजन या विशेष महापूजन से निवृत्त होकर
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रात 8:00 बजे से 3:00 बजे के बीच कभी भी
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समय की कोई कठोर बाध्यता नहीं
दीपावली की रात माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने की विधि
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रात में शांत चित्त होकर किसी स्वच्छ स्थान पर बैठ जाएँ
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अपने सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएँ
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दीपक के पास यह सामग्री रखें:
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थोड़ा साबुत धनिया
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थोड़ा नागकेसर
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थोड़ी शक्कर
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अब दोनों हाथ फैलाकर, हथेलियाँ ऊपर की ओर रखें
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मन ही मन माँ महालक्ष्मी से प्रार्थना करें: “हे माता, ऐसी मान्यता है कि आप दीपावली की रात पृथ्वी पर विचरण करती हैं। इस दीपक की ज्योति से प्रसन्न होकर कृपा करें और मेरे घर में सदा वास करें। मुझ पर और मेरे परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें।”
इस प्रयोग में मंत्र जप कैसे करें?
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नीचे दिए गए मंत्र का जप करें
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किसी भी संख्या, माला या समय की बाध्यता नहीं
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10 मिनट, 15 मिनट, 30 मिनट या 1 घंटा — जितना संभव हो
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भाव और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण है
माँ महालक्ष्मी का मंत्र
“उलूक वाहन कमल सवार नारायन प्रिया माई।
पालनहार चढ़ उलूक विचरै अमावस की रात।
जा पावै दीपक औ भाव ता बैठी जाओ महामाई।”
दीपक से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण नियम
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मंत्र जप पूर्ण होने के बाद
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दीपक को पूरी रात जलने दें
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ऐसी सुरक्षित व्यवस्था करें कि
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दीपक अगली सुबह तक बुझने न पाए
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इसके बाद आप निश्चिंत होकर विश्राम करें या दीपावली के अन्य कार्य करें।
इस प्रयोग से मिलने वाले लाभ
✔ पूरे वर्ष माँ महालक्ष्मी की कृपा
✔ घर में धन-धान्य और समृद्धि
✔ नकारात्मक शक्तियों और समस्याओं से रक्षा
✔ पारिवारिक सुख-शांति
✔ आर्थिक स्थिरता और उन्नति
यदि आपकी माँ महालक्ष्मी में सच्ची श्रद्धा और विश्वास है, तो यह प्रयोग निश्चित रूप से फलदायी सिद्ध होता है।
निष्कर्ष
दीपावली की रात किया गया यह छोटा-सा लेकिन भावपूर्ण प्रयोग पूरे वर्ष का भाग्य बदलने की क्षमता रखता है। न इसमें कठिन साधना है, न कठोर नियम — केवल श्रद्धा, दीपक की ज्योति और माँ लक्ष्मी पर अटूट विश्वास।
👉 इस दीपावली इसे अवश्य करें और माँ महालक्ष्मी की कृपा का अनुभव स्वयं करें।
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