वाक् सिद्धि और कार्य सफलता के लिए प्रभावी शाबर मंत्र प्रयोग

वाक् सिद्धि और कार्य सफलता के लिए शाबर मंत्र साधना का आध्यात्मिक दृश्य
वाक् सिद्धि और सफलता के लिए किया जाने वाला सरल शाबर मंत्र प्रयोग

ज्योतिषी, वकील, हीलर और शिक्षकों के लिए विशेष साधना

आज के समय में जो लोग परामर्श और मार्गदर्शन से जुड़े कार्य करते हैं—जैसे ज्योतिषी, रेकी हीलर, टैरोट रीडर, वकील, सीए, शिक्षक, प्रोफेसर या काउंसलर—उनके लिए वाणी की स्पष्टता, निर्णय की सटीकता और लोगों का विश्वास अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

यदि आप चाहते हैं कि आपके द्वारा किया गया फलादेश अधिक सटीक हो, आपकी वाणी में प्रभाव आए, और लोग आपके प्रति सम्मान और विश्वास रखें, तो यह वाक् सिद्धि देने वाला शाबर मंत्र प्रयोग आपके लिए अत्यंत उपयोगी हो सकता है।

यह साधना सरल है, इसमें कोई जटिल विधि या कठिन अनुष्ठान नहीं है। नियमित श्रद्धा के साथ किया गया जप आपके कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

यह शाबर मंत्र प्रयोग किनके लिए लाभकारी है?

  • नए और प्रतिष्ठित ज्योतिषी

  • रेकी, हीलिंग या आध्यात्मिक परामर्श देने वाले

  • वकील और चार्टर्ड अकाउंटेंट

  • शिक्षक, प्रोफेसर और प्रशिक्षक

  • काउंसलर और सलाहकार

  • विद्यार्थी (विशेषकर वाणी और आत्मविश्वास के लिए)

विशेष रूप से वे लोग जो अपनी आजीविका परामर्श या ज्ञान आधारित कार्य से चलाते हैं, उन्हें इसका उत्तम लाभ मिल सकता है।

शाबर मंत्र प्रयोग की विधि

कब प्रारंभ करें?

इस साधना को किसी भी सोमवार या शुक्रवार से प्रारंभ किया जा सकता है।

प्रारंभिक तैयारी

  1. प्रातः स्नान करें।

  2. शुद्ध वस्त्र धारण करें।

  3. अपने पूजन स्थल पर कंबल के आसन पर बैठें।

  4. मन को शांत और पवित्र रखें।

पूजा प्रक्रिया

  • आप जिस भी ईश्वर रूप में आस्था रखते हैं—माँ दुर्गा, भगवान शिव, हनुमान जी या अन्य आराध्य—उनकी श्रद्धा से पूजा करें।

  • यदि संभव हो तो माता शारदा (विद्या की देवी) या भगवान शिव का स्मरण अवश्य करें।

  • अपने कार्यक्षेत्र में सफलता, सम्मान और वाक् सिद्धि की प्रार्थना करें।

वाक् सिद्धि देने वाला शुद्ध शाबर मंत्र

नीचे दिया गया मंत्र 27 बार जपें:

“सुमिरौं मात शारदा संग हैं बाल गणेश।
रिद्धि सिद्धि दे गणपति, वाक् सिद्धि महेश।
कष्ट हरो, इच्छित पुरावो, देवो वरदान।
दुहाई कामरु कामाख्या की,
दुहाई मछिन्दरनाथ की।।“

इस मंत्र के जप के लिए किसी विशेष दीक्षा की आवश्यकता नहीं है। श्रद्धा और नियमितता ही इसकी मुख्य शक्ति है।

जप के बाद क्या करें?

  • नव-नाथों का स्मरण करें

  • या गुरु गोरक्षनाथ जी को प्रणाम करें

  • यदि यह संभव न हो तो आदियोगी भगवान शिव का ध्यान करें

इसके पश्चात अपने दैनिक कार्यों में लग जाएं।

कितने समय तक करें?

  • न्यूनतम 3 माह

  • बेहतर परिणाम हेतु 6 माह

  • या इसे नियमित साधना का हिस्सा बना सकते हैं

नियमित अभ्यास से आपके कार्यक्षेत्र में आत्मविश्वास, स्पष्ट वाणी और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होने लगेगा।

इस शाबर मंत्र प्रयोग के संभावित लाभ

✔ वाणी में प्रभाव और स्पष्टता
✔ परामर्श में आत्मविश्वास
✔ कार्य में सटीकता
✔ लोगों का विश्वास और सम्मान
✔ मानसिक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा

महत्वपूर्ण सुझाव

  • जप संख्या 27 से कम न रखें।

  • साधना के दौरान संयम और सकारात्मक सोच बनाए रखें।

  • इसे केवल सदुपयोग और शुभ कार्य के लिए करें।

निष्कर्ष

यदि आप अपने ज्ञान, वाणी और परामर्श की शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं, तो यह सरल शाबर मंत्र साधना आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है। श्रद्धा, नियमितता और शुद्ध भावना के साथ किया गया जप जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

आपकी साधना सफल हो — यही शुभकामना।

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