Author name: Tantrik Rahasya

तंत्र, मंत्र, यन्त्र, धर्म, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, योग और आयुर्वेद से सम्बन्धित किसी भी जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं.

स्कन्दचालनासन करने की विधि और लाभ

स्कन्दचालनासन खड़े होकर किये जाने वाले आसनों में अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इस आसन से शरीर के उर्ध्व भाग जैसे कंधा, गर्दन आदि का अच्छा व्यायाम हो जाता है। इस आसन को कम से कम पांच-पांच बार अवश्य करना चाहिए। इस आसन में कंधों को ऊपर नीचे चलाया जाता है। इसलिए […]

स्कन्दचालनासन करने की विधि और लाभ Read More »

तानासन (ताड़ासन) करने की विधि और लाभ

तानासन (ताड़ासन) समग्र शारीरिक स्वास्थ्य तथा शक्ति हेतु एक अत्यन्त उत्तम आसन है। इस आसन को करने में शरीर की मुद्रा ताड़ के वृक्ष के समान हो जाती है, इसलिए इसे ताड़ासन भी कहा जाता है। इस आसन का कम से कम तीन से चार बार अभ्यास करना चाहिए। यह

तानासन (ताड़ासन) करने की विधि और लाभ Read More »

हलासन करने की विधि और लाभ

हलासन एक उत्तम कोटि का आसन है। यह आसन शारीरिक व्यायाम के अंतर्गंत गिना जाता है। इस आसन में शरीर की मुद्रा ’हल’ के समान हो जाती है, इसलिए इस मुद्रा को हलासन कहा जाता है। यह आसन थोड़ा सा कठिन आसन है। अतः इसका धीरे-धीरे अभ्यास आवश्यक है। पूर्ण

हलासन करने की विधि और लाभ Read More »

सर्वांगासन करने की विधि और लाभ

इस आसन से शरीर के सभी अंगों का व्यायाम हो जाता है, इसलिए इस आसन को सर्वांगासन कहते हैं। इस आसन से शरीर के सम्पूर्ण अंगों को बल मिलता है। सर्वांगासन, शीर्षासन के जैसे ही दिखलाई पड़ता है किन्तु इसमें शरीर का मुख्य भार गर्दन, कन्धों तथा भुजाओं पर होता

सर्वांगासन करने की विधि और लाभ Read More »

शीर्षासन करने की विधि और लाभ

शीर्ष का अर्थ है मस्तक। मस्तक के सहारे इस आसन को लगाया जाता है, इसिलिए इस आसन को शीर्षासन कहते हैं। शीर्षासन समस्त आसनों से भिन्न आसन है। इस आसन को करने से शरीर की रक्त संचार व्यवस्था सर्वाधिक प्रभावित होती है। इस आसन का अभ्यास करने से पूर्व अनुभवी

शीर्षासन करने की विधि और लाभ Read More »

पवनमुक्तासन करने की विधि और लाभ

पवनमुक्तासन, पेट की प्रदूषित वायु के निष्कासन हेतु पीठ के बल लेटकर किया जाने वाला उत्तम आसन है। यह आसन अन्य आसनों की अपेक्षा सरल एवं करने में आसान है। परन्तु आप ज्यादा मोटे हैं या आपका पेट कुछ ज्यादा ही बाहर निकला है तो यह आसन करने में आपको

पवनमुक्तासन करने की विधि और लाभ Read More »

Scroll to Top