Author name: Tantrik Rahasya

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धर्म कहता है – स्त्री (STREE) को अपने अंगो का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए

स्त्री (Stree) : हिन्दू धर्म में स्त्रियों को देवी के समान माना गया है। हमारे धर्म में जितना सम्मान एक स्त्री को दिया गया है, सायद ही किसी धर्म में इतना ऊँचा स्थान स्त्री को प्रदान किया गया हो। हमारा धर्म इस संसार के प्रत्येक स्त्री (Stree) को देवी का […]

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HOROSCOPE FEBRUARY 2020 : राशिफल फरवरी 2020

HOROSCOPE-RASHIFAL HOROSCOPE FEBRUARY 2020 : राशिफल फरवरी 2020  : माह फरवरी 2020 का राशिफल यहां दिया जा रहा है, जिसके शुभ-अशुभ फल के अनुसार व्यक्ति को अपने बुद्धि, विवेक का प्रयोग करके अपने भविष्कायगत कार्यों  को  करना चाहिएः- मेष – चु चे चौ ला ली लू ले लो अ गृहस्थी संचालन

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पद्मासन (PADMASANA) : करने का तरीका और इसके लाभ

पद्मासन (PADMASANA) शब्द का अर्थ है- कमल के समान आसन अर्थात इस आसन में बैठे हुए व्यक्ति की मुद्रा विकसित कमल-पुष्प अथवा उसके पंखुड़ियों पर बैठे व्यक्ति जैसा दिखाई देता है। दूसरे शब्दों में हम यह भी कह सकते हैं कि इस आसन पर बैठकर एक साधक अपने चेतनारूपी कमल

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मातंगी (MATANGI) : वाणी की देवी

मातंगी (MATANGI) : एक बार मतंग नामक योगी ने सृष्टि के प्रत्येक जीव को अपने वशीभूत करने की अभिलाषा से प्रेरित होकर कदम्ब वन प्रान्त में एक विशेष तप किया, जिसके प्रभाव से उस योगी का आकर्षण चारो ओर फैल गया। इसी श्रृंखला के अंतर्गत देवी के नेत्रों से एक

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Surya Namaskar

सूर्य नमस्कार (SURYA NAMASKAR) मंत्र सहित और इसके बेमिसाल लाभ

सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) की मान्यता किसी आसन या व्यायाम के अन्तर्गत नहीं है बल्कि अण्डज, पिण्डज, जंगम तथा स्थावर रूपी सृष्टि के सृजन, पालन तथा परिवर्तन की प्रक्रिया को संचालित करने वाले सूर्य देव को नमन की एक क्रिया है। सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) सविता, सूर्य तथा मित्र आदि

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वास्तु शास्त्र (VASTU SHASTRA) से करें वास्तु दोष का निवारण एवं पायें सुखी जीवन

वास्तु शास्त्र (VASTU SHASTRA) के अनुसार ”वास्तु” शब्द का अर्थ है- निवास करना। जिस भुमि पर मनुष्य निवास करता है, उसे ”वास्तु” कहा जाता है। वास्तु शास्त्र में गृहनिर्माण सम्बन्धी नियमों का प्रतिपादन किया गया है। उनका पालन करने से मनुष्य को अन्य कई प्रकार के लाभों के साथ-साथ आरोग्य लाभ

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