वास्तु दोष (VASTU DOSH) : मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं में ”निवास” अर्थात रहने के लिए एक उचित स्थान बहुत ही जरुरी है। सीधे शब्दों में कहें तो रोटी और कपड़ा के बाद, मकान की प्रत्येक मनुष्य को आवश्यकता है, और एक घर हर मनुष्य का अधिकार भी है।
आदमी कठिन परिश्रम के बाद अपने लिए एक घर बनाता है, और कभी-कभी वही घर उस आदमी के लिए दुखों का कारण बन जाता है। क्योकि घर बनाते समय मनुष्य प्रायः वास्तु दोषों को ध्यान में नहीं रखता, और यही दोष उसके दुःख का कारण बन जाता है।
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Vastu Dosh |
वास्तु दोष (VASTU DOSH) क्या है?
आवास निर्माण करते समय वास्तु विज्ञान की अज्ञानता के कारण बहुत से अशुभ तत्वों का समावेश हो जाता है, जिन्हें हम वास्तुदोष (VASTU DOSH) के नाम से जानते हैं।
इस प्रकार वास्तुदोष से गृह स्वामी को विभिन्न प्रकार के आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक यहां तक की जीवन-मृत्यु जैसे कष्टों तक का सामना करना पड़ता है।
इस प्रकार की व्याधियों से बचने हेतु हमारे पूर्वाचार्यों ने प्रकृति की अनमोल देन सूर्य की किरणों, हवा का रुख और पृथ्वी की चुंबकीय शक्ति आदि का उपयोग करना बताया है।
इन तत्वों के अतिरिक्त भी सही दिशाओं का ज्ञान होना आवश्यक है कि किस दिशा में कौन सी जगह का निर्माण किया जाये, जिससे वास्तु दोष (VASTU DOSH) से बचा जा सके।
वास्तु दोष (VASTU DOSH) के प्रकार
वास्तु दोष (VASTU DOSH) विभिन्न प्रकार के होते हैं, जैसे स्वास्थ्य संबंधी, व्यापार संबंधी, आवास संबंधी, भूमि संबंधी इत्यादि। कुछ वास्तु दोष के उदाहरण एवं साथ ही उनके निवारण के उपाय नीचे दिये जा रहे हैं।
यदि सामने वाले भवन का कोण आपके मकान के कोण को प्रभावित कर रहा है तो यह निश्चित रूप से भाग्य में बाधा का कारण बनेगा। वास्तुविद् इसे कोणवेध कहते हैं। इसका निवारण निम्नवत हैः-
- यदि दोनों पड़ोसी आपसी सहमति से मकानों के बीच में एक शेड बना लें, तो दोनों को ही इससे लाभ होगा।
- अपने मकान की छत पर दिशा-सूचक यंत्र स्थापित करें। यंत्र का ऐरो सामने के भवन की ओर रहना चाहिए।
- मकान के द्वार पर कौड़ी का झालर लगा दें।
- अपने मकान के छत के बाहरी भाग पर कोई षट्कोणीय आईना लगा दें। यह आइना परदे में भी छिपाया जा सकता है।
यदि आपके मकान के सामने कोई कारखाना या फैक्ट्री हो तो यह आपके लिए कोई शुभ संकेत नहीं है। इससे घर बर्बाद हो जाता है तथा शरीर रोगग्रस्त हो जाता है। इसका समाधान निम्न प्रक्रियाओं द्वारा किया जा सकता हैः-
- अपने मकान के सामने, थोड़ी दूरी पर एक लैम्प लगा दें जिसका प्रकाश रात्रि में मार्ग को रोशन करता रहे।
- मकान के किनारे बड़ा सा गुब्बारा लगा दें।
- मकान के आगे अशोक आदि के वृक्ष लगा दें। परन्तु इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि वृक्ष, सूर्य की रोशनी आने में बाधक न हो।
- घर में किसी बीम के नीचे डाइनिंग टेबल या बेड नहीं रखा जाना चाहिए।
- आफिस में भी मेज या कुर्सियां बीम के नीचे न रखें। बीम के नीचे बैठने या सोने से मनुष्य मानसिक रूप से तनावग्रस्त रहेगा।
प्रकार के वास्तु दोष (VASTU DOSH) को दूर करने के लिए निम्न उपाय करेंः-
- मकान और बिल्डिंगों के बीच एक ऊँचा झंडा लगा दें। इस प्रकार झंडा लगाने से आप वास्तु दोष से काफी हद तक बच सकते हैं।
- दिशा सूचक यंत्र लगायें, जिसका ऐरो बड़ी बिल्डिंगों के ओर हो।
- बीम के दोनों ओर बांसुरी लगा देने से वास्तु दोष (VASTU DOSH) का शमन हो जाता है। फेंग-शुई वास्तु का यह सर्वश्रेष्ठ उपाय है। दक्षिण एशिया, जापान और हांगकांग में यह उपाय मुख्यतः अपनाए जाते हैं।
- बीम को सीलिंग टायलस से ढकने पर भी इस दोष का निवारण हो जाता है।
- बीम के दोनो ओर हरे रंग के गणपति लगा दें, जो कि वास्तु दोष (VASTU DOSH) नाशक माना जाता है।
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