
कलियुग में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसे धन की आवश्यकता न हो। गृहस्थ जीवन, परिवार की जिम्मेदारियाँ, आजीविका और भविष्य की सुरक्षा — इन सबके लिए आर्थिक स्थिरता आवश्यक है। ऐसे में लोग अक्सर माता Mahalakshmi की साधना की ओर आकर्षित होते हैं।
लेकिन एक महत्वपूर्ण प्रश्न है — क्या केवल मंत्र जप करने से ही धन की प्राप्ति हो जाती है? या इसके पीछे कुछ गहरी आध्यात्मिक और मानसिक तैयारी भी आवश्यक है?
इस लेख में हम समझेंगे:
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लक्ष्मी शाबर मंत्र क्या है
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इसे कब और कैसे करें
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किन परिस्थितियों में यह विशेष लाभकारी है
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साधना करते समय किन बातों का ध्यान रखें
Table of Contents
लक्ष्मी प्राप्ति और लक्ष्मी का सुख — दो अलग बातें
बहुत लोग धन चाहते हैं, पर धन को संभालने की क्षमता, संयम और संतुलन विकसित नहीं करते। याद रखिए —
लक्ष्मी प्राप्त करना और लक्ष्मी का सुख भोगना दो अलग बातें हैं।
कई बार व्यक्ति कमाता तो है, लेकिन बचत नहीं हो पाती। कभी अचानक खर्च बढ़ जाते हैं, कभी मानसिक तनाव धन के आनंद को छीन लेता है। इसका कारण केवल बाहरी परिस्थितियाँ नहीं, बल्कि आंतरिक असंतुलन और पूर्व कर्म भी हो सकते हैं।
इसलिए साधना का पहला नियम है —
✔ लालच त्यागें
✔ संयम अपनाएँ
✔ श्रद्धा और धैर्य रखें
गलत साधनाओं का नकारात्मक प्रभाव
आज इंटरनेट और पुस्तकों में सैकड़ों तंत्र-मंत्र प्रयोग उपलब्ध हैं। बिना उचित मार्गदर्शन, केवल देखा-देखी साधना करना कई बार भ्रम और मानसिक अस्थिरता का कारण बन सकता है।
यह ठीक वैसा ही है जैसे बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना।
यदि आपने पहले कोई साधना की हो और उसके बाद आर्थिक स्थिति बिगड़ी हो, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी सच्चे धर्मकर्म से स्थायी हानि नहीं होती। कई बार यह केवल कर्मों की परीक्षा होती है।
सबसे पहले:
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मनमानी साधनाएँ बंद करें
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सरल और सात्विक मार्ग अपनाएँ
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नियमित प्रार्थना और जप से मन को स्थिर करें
लक्ष्मी शाबर मंत्र साधना विधि
यह मंत्र स्वयं-सिद्ध माना गया है, अर्थात इसे अलग से सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं होती।
🔸 प्रारंभ करने का शुभ समय
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शुक्रवार
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या पूर्णिमा
🔸 तैयारी
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स्नान करके पवित्र हों।
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अपने पूजा स्थान पर कंबल के आसन पर बैठें।
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माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
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यदि उपलब्ध हो तो श्रीयंत्र, कमला यंत्र या धनदा यंत्र भी रख सकते हैं।
🔸 पूजा और प्रार्थना
भावपूर्वक दीप, धूप और पुष्प अर्पित करें।
अपनी समस्या — नौकरी, व्यवसाय, पदोन्नति, आय वृद्धि — के लिए स्पष्ट प्रार्थना करें।
🔸 मंत्र जप संख्या
प्रतिदिन 27, 54 या 108 बार जप करें।
नियमित जप से धीरे-धीरे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं —
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अनावश्यक खर्च कम होना
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आय में स्थिरता
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मानसिक संतुलन
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कार्यों में रुकावट का कम होना
लक्ष्मी शाबर मंत्र
तीन वर्ण की लक्ष्मी,
इ लक्ष्मी ब्रह्मा की माय ,
रिद्ध सिद्ध हमारे साथ ,
आव लक्ष्मी कर जाप ,
जन्म जन्म के हर पाप ।
अन्न पुरावे अन्नपूर्णा घी पुरावे महेश दोहाई सिद्ध पुरुष काहा ।।
⚠ ध्यान दें: शाबर मंत्रों में व्याकरण सुधारने का प्रयास न करें। जैसा मंत्र प्राप्त हो, वैसा ही जप करें।
साधना के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
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जप के समय मोबाइल या अन्य व्यवधान से दूर रहें
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नियमित समय पर जप करने का प्रयास करें
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परिणाम की अत्यधिक चिंता न करें
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धन को साधन समझें, लक्ष्य नहीं
क्या वास्तव में धन की बरकत होती है?
“बरकत” का अर्थ केवल अधिक धन नहीं है।
बरकत का अर्थ है —
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कम में संतोष
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आय से अधिक खर्च न होना
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मानसिक शांति
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घर में सुख-समृद्धि का वातावरण
जब साधना सही भावना से की जाती है, तो धीरे-धीरे व्यक्ति अनुभव करता है कि जीवन में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ रही है।
निष्कर्ष
लक्ष्मी साधना केवल धन कमाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन और स्थिरता लाने का मार्ग है। यदि आप संयम, श्रद्धा और लालच-रहित भाव से यह शाबर मंत्र जप करते हैं, तो आर्थिक प्रगति के साथ मानसिक शांति भी प्राप्त हो सकती है।
याद रखें —
साधना का मूल तत्व है विश्वास, निरंतरता और शुद्ध भावना।
आपके जीवन में माता महालक्ष्मी की कृपा बनी रहे — यही शुभकामना है। 🙏✨
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